भारत टैप पहल: हर कदम पर होगा जल संरक्षण

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जीवन में पानी के महत्व से हम भली-भांति परिचित हैं, पानी के बिना जीवन की कल्पना करना नामुमकिन सा है। दुनिया में पानी की सीमित मात्रा में उपलब्ध होने के कारण इसका संरक्षण करना अति आवश्यक है। स्वच्छता और जल संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर विशेष ध्यान देने के लिए केंद्र सरकार योजना बद्ध तरीकों से आगे बढ़ रही है। इस कड़ी में आवास और शहरी कार्य तथा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने नई दिल्ली में ‘प्लम्बेक्स इंडिया’ प्रदर्शनी में भारत टैप पहल की शुरुआत की। यह प्रदर्शनी नल से संबंधी उपकरणों, पानी और स्वच्छता उद्योग से संबंधित उत्पादों और सेवाओं के प्रदर्शन के लिए आयोजित की गई है।

क्या है प्लम्बेक्स इंडिया प्रदर्शनी

देश में स्वच्छता और जल संरक्षण को और अधिक महत्व देते हुए लोगों का जल संरक्षण के प्रति सजगता से ध्यान केंद्रित करने के लिए प्लम्बेक्स इंडिया प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। प्लम्बिंग उद्योग देश में स्वच्छता और अन्य बुनियादी सेवाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए व्यावसायिक अवसरों का लाभ उठा रहा है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से शुरू की गई भारत टैप पहल से देश में जल संरक्षण के प्रयास पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित किया जाएगा। यह प्रदर्शनी राष्ट्र के विकास में जल और स्वच्छता की एक आधारभूत सेवा प्रदान करने में सहयोग करती है।

भारत टैप पहल

पानी की लगातार बढ़ती आवश्यकताओं के साथ पानी की खपत को पूरा कर पाना एक गंभीर समस्याओं मे से एक है। प्रदर्शनी के माध्यम से शुरू की गई भारत टैप पहल का उदेश्य कम प्रवाह वाले सेनेटरी-वेयर बड़े पैमाने पर उपलब्ध कराना और इस तरह स्रोत पर पानी की खपत में कमी लाना है। पर्याप्त स्वच्छता के साथ पानी की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए भारत टैप पहल से जल संरक्षण को आगे बढ़ाया जाएगा। जल स्वच्छता की यात्रा को सुविधाजनक बनाने में अमृत मिशन काफी महत्वपूर्ण रहा है। प्लम्बेक्स इंडिया प्रदर्शनी में निर्मल जल प्रयास’ पहल की भी शुरुआत हुई, जो प्रति वर्ष 500 करोड़ लीटर पानी की बचत के लिए काम करेगी।

अमृत मिशन

पानी की समस्या से निपटने और स्वच्छता के प्रति व्यवहार में बदलाव लाने के लिए केंद्र सरकार ने अमृत मिशन की शुरुआत की। स्वच्छता की यात्रा को सुविधाजनक बनाने में अमृत मिशन काफी महत्वपूर्ण रहा है। यह मिशन पानी की आपूर्ति और गंदे पानी की निकासी / नालों की सफाई के लिए प्रमुख आवंटन के साथ बुनियादी ढांचे के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विशेष रूप से अमृत के सफल कार्यान्वयन से जो एक बड़ा लाभ सामने आया है, वह यह है कि देश भर में बड़ी मात्रा में पानी की आपूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाई गई हैं। इसके लिए 41,500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।

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