स्टडी रिपोर्ट : कोवैक्सिन की ‘बूस्टर डोज’ ओमिक्रोन और डेल्टा वेरिएंट पर अधिक प्रभावी

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कोरोना महामारी की तीसरी लहर में ओमिक्रोन वेरिएंट का खासा असर देखने को मिल रहा है। इसके मद्दनेजर बीती ’10 जनवरी’ से देश में फ्रंट लाइन वर्कर और 60 वर्ष से ऊपर के कोमोरबिडिटी से ग्रसित लोगों को बूस्टर डोज दिया जा रहा है। इस बीच यह दावा किया जा रहा है कि कोवैक्सिन की बूस्टर डोज ‘डेल्टा’ और ‘ओमिक्रॉन’ दोनों को खत्म कर सकती है। आइए अब विस्तार से जानते हैं यह डोज कितना कारगर है…

भारत बायोटेक ने स्टडी के आधार पर किया यह दावा

कोवैक्सिन मैन्युफैक्चर्स भारत बायोटेक ने इमोरी वैक्सीन सेंटर में हुई एक स्टडी के आधार पर यह दावा किया है, जिसमें कंपनी ने कहा कि कोरोना के लाइव वायरस पर कोवैक्सिन की बूस्टर डोज का प्रयोग किया गया, जिसमें बूस्टर डोज ने डेल्टा और ओमिक्रोन वेरिएंट को खत्म करने वाली एंटीबॉडी डेवलप की है।

भारत बायोटेक ने कहा कि एक लाइव वायरस न्यूट्रलाइजेशन परख का उपयोग करके किए गए अध्ययन से पता चला है कि बूस्टर खुराक ने ओमिक्रोन (बी.1.529) और डेल्टा (बी.1.617.2) दोनों के खिलाफ मजबूत एंटीबॉडी प्रतिक्रियाएं उत्पन्न की हैं।

100% डेल्टा और 90% ओमिक्रॉन वेरिएंट पर रहा असरदार

भारत बायोटेक ने यह भी कहा, परीक्षण में 100% सैंपल में डेल्टा संस्करण के निष्क्रियकरण को दिखाया है और 90% से अधिक ओमिक्रोन वेरिएंट को बेअसर कर दिया।” कंपनी के मुताबिक सैंपल्स की स्टडी के दौरान सामने आया कि बूस्टर डोज ने 100% सैंपल्स में डेल्टा को खत्म कर दिया और ओमिक्रॉन वेरिएंट में यह आंकड़ा 90% रहा। यह डेटा बताता है कि लगातार बदलती महामारी में कोवैक्सिन एक कारगर ऑप्शन है। स्टडी के दौरान लोगों को कोरोना की दोनों डोज दिए जाने के 6 महीने बाद बूस्टर डोज दी गई थी।

बूस्टर डोज बीमारी की भयावहता और अस्पताल के खतरे को करती है कम  

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इमोरी वैक्सीन सेंटर में लैब एनालिसिस करने वाली एक असिस्टेंट प्रोफेसर ने इस संबंध में कहा कि इस शुरुआती एनालिसिस के डेटा बताते हैं कि जिन लोगों को कोवैक्सिन की बूस्टर डोज दी गई है, उनमें डेल्टा और ओमिक्रॉन दोनों के खिलाफ प्रभावी इम्यून रिस्पॉन्स डेवलप हुआ है। इस तथ्य से साबित होता है कि बूस्टर डोज बीमारी की भयावहता और अस्पताल के खतरे को कम करती है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अटलांटा में इमोरी वैक्सीन सेंटर में किए गए अध्ययन को ओक्यूजेन, इंक द्वारा प्रायोजित किया गया था। भारत बायोटेक ने दूसरे चरण के अध्ययन के लिए विषयों का सीरा प्रदान किया था।

भारत बायोटेक ने कहा- हमारा लक्ष्य हुआ पूरा

वहीं भारत बायोटेक के चेयरमैन डॉ. कृष्णा एल्ला ने कहा कि कंपनी लगातार कोवैक्सिन के डेवलपमेंट में लगी है और नए प्रयोग लगातार हो रहे हैं। कोरोना के खिलाफ ग्लोबल वैक्सीन डेवलप करने का हमारा लक्ष्य पूरा हो गया है। अब कोवैक्सिन बड़ों और बच्चों को दोनों को लगाई जा रही है।

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