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दोपहर समाचार

1430 HRS
27.09.2020

मुख्य समाचार :-

  • प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा - कृषि क्षेत्र, किसान और गांव आत्‍मनिर्भर भारत का आधार।

  • आकाशवाणी से मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा-किसान अब अपने उत्‍पाद अधिक दाम पर कहीं भी और किसी को भी बेचने के लिए स्‍वतंत्र।

  • गृहमंत्री अमित शाह ने पूर्वोत्‍तर राज्‍यों में संस्‍कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए डेस्‍टीनेशन नॉर्थ ईस्‍ट कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

  • देश में कोविड से स्‍वस्‍थ होने वालों की दर बढ़कर करीब साढे 82 प्रतिशत हुई।

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने कोरोना महामारी के खिलाफ संघर्ष में प्रतिबद्धता और एकजुटता दिखाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया।

  • पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसवंत सिंह का निधन, राष्‍ट्रपति, उपराष्‍ट्रपति और प्रधानमंत्री ने शोक व्‍यक्‍त किया।

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महात्‍मा गांधी की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर विशेष श्रृंखला में हम बुलेटिन की शुरूआत बापू की बात से कर रहे हैं। एक प्रार्थना संबोधन में महात्मा गांधी ने स्वच्छता के बारे में बताया।


देश को, अपना आत्‍मा को, जो पिछले सब साथ ही रखे और उसका यह नतीजा आता है कि कैसे वो बताने की जरूरत नहीं हैं। मैं ये कहूंगा ऐसे सबको कि अगर आप ये सचमुच सेवा करना चाहते हैं सेवा भाव से, नाम के लिए नहीं और सेवा ही करने के लिए तो आपको लिए बहुत बड़ा क्षेत्र कहने के लिए नहीं, उसको कोई बताने की आवश्‍यकता नहीं है।

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प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि किसानों और गांवों के सशक्‍त होने पर ही भारत आत्‍मनिर्भर बनेगा। आकाशवाणी से आज मन की बात कार्यक्रम में उन्‍होंने कहा कि कृषि क्षेत्र, किसान और गांव ही आत्‍मनिर्भर भारत का आधार हैं। उन्‍होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में कृषि क्षेत्र ने अपना दम-खम दिखाया।


हमारे यहाँ कहा जाता है, जो, ज़मीन से जितना जुड़ा होता है, वो, बड़े-से-बड़े तूफानों में भी उतना ही अडिग रहता है। कोरोना के इस कठिन समय में हमारा कृषि क्षेत्र, हमारा किसान इसका जीवंत उदाहरण हैं। संकट के इस काल में भी हमारे देश के कृषि क्षेत्र ने फिर अपना दमख़म दिखाया है। साथियो, देश का कृषि क्षेत्र, हमारे किसान, हमारे गाँव, आत्मनिर्भर भारत का आधार है। ये मजबूत होंगे तो आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत होगी।


श्री मोदी ने यह भी कहा कि हाल के समय में किसानों ने स्‍वयं को अनेक प्रतिबंधों से स्‍वतंत्र किया है और मिथकों को तोड़ने का प्रयास किया है। उन्‍होंने कहा कि किसानों में अपने फल और सब्जियों को कहीं भी, किसी को भी बेचने की ताकत है। श्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि अब यही ताकत देश के दूसरे किसानों को भी मिली है।


अपने फल-सब्जियों को, कहीं पर भी, किसी को भी, बेचने की ताकत है, और ये ताकत ही, उनकी, इस प्रगति का आधार है। अब यही ताकत, देश के दूसरे किसानों को भी मिली है। फल-सब्जियों के लिए ही नहीं, अपने खेत में, वो जो पैदा कर रहें हैं - धान, गेहूं, सरसों, गन्ना जो उगा रहे हैं, उसको अपनी इच्छा के अनुसार, जहाँ ज्यादा दाम मिले, वहीँ पर, बेचने की, अब, उनको आज़ादी मिल गई है।


श्री मोदी ने हरियाणा के सोनीपत जिले के कंवर चौहान का उदाहरण दिया। एक समय था, जब उन्‍हें मंडी से बाहर अपने फल और सब्जियों को बेचने में बहुत परेशानी होती थी। लेकिन 2014 में फल और सब्जियों को ए पी एम सी कानून से बाहर किए जाने के बाद उन्‍हें और आस-पास के साथी किसानों को बहुत लाभ हुआ। चार वर्ष पहले, उन्‍होंने अपने गांव के साथी किसानों के साथ मिलकर किसान उत्‍पादक समूह की स्‍थापना की। अब किसान स्‍वीट कार्न और बेबी कार्न की खेती करते हैं। उनके उत्‍पाद आज दिल्‍ली की आजादपुर मंडी, बड़ी खुदरा दुकानों और पांच सितारा होटलों में सीधे ही उपलब्‍ध कराए जा रहे हैं। ये किसान खेती से प्रति वर्ष प्रति एकड़ ढाई से तीन लाख रूपए तक की कमाई कर रहे हैं।


प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन-चार वर्ष पहले महाराष्‍ट्र में फलों और सब्जियों को ए पी एम सी कानून की परिधि से बाहर किया गया था। उन्‍होंने श्री स्‍वामी समर्थ किसान उत्‍पादक कंपनी लिमिटेड का उदाहरण देते हुए कहा कि यह समूह इस बात का उदाहरण है कि इस बदलाव ने महाराष्‍ट्र के फल और सब्‍जी उगाने वाले किसानों की स्थिति कैसे बदल दी।


प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के केला उत्‍पादक कंपनी का उदाहरण दिया, जो किसानों का अपना समूह है। इस किसान समूह ने पूर्णबंदी के दौरान आस-पास के गांव से सैंकड़ों मीट्रिक टन सब्जियों और फलों की खरीद कर चेन्‍नई शहर को स‍ब्‍जी कोम्‍बो किट दिया। प्रधानमंत्री ने लखनऊ के किसान समूह इरादा की चर्चा भी की। 


ऐसा ही एक लखनऊ का, किसानों का समूह है। उन्होंने, नाम रखा है ‘इरादा फार्मर प्रोडयूसर’ इन्होंने भी, लॉकडाउन के दौरान किसानों के खेतों से, सीधे, फल और सब्जियाँ ली, और, सीधे जा करके, लखनऊ के बाज़ारों में बेची - बिचौलियों से मुक्ति हो गई और मन चाहे उतने दाम उन्होंने प्राप्त किये।


श्री मोदी ने गुजरात के बनासकांठा के रामपुरा गांव के किसान इस्‍माईल भाई की चर्चा की, जिनके परिवार ने उन्‍हें खेती करने से रोका, लेकिन इस्‍माइल भाई ने तय किया कि वे इस सोच को बदल कर दिखाएंगे कि खेती घाटे का सौदा है। उन्‍होंने नए तरीके से खेती शुरू की। प्रधानमंत्री ने कहा कि अच्‍छी किस्‍म के आलू की खेती के लिए बूंद सिंचाई करके उन्‍होंने अपनी विशिष्‍ट पहचान बनाई। इस्‍माइल भाई यह आलू सीधे बड़ी-बड़ी कंपनियों को बेचते हैं और अच्‍छा लाभ कमा रहे हैं। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान बिचौलिये की कहीं कोई भागीदारी नहीं होती।


प्रधानमंत्री ने कहा कि खेती में नए-नए तौर-तरीके अपनाने की आवश्‍यकता है। उन्‍होंने मणिपुर की बिजयशांति की चर्चा की, जो नयेपन के लिए चर्चित हैं।


मणिपुर की रहने वाली बिजयशान्ति एक नये इनोवेशन के चलते ख़ूब चर्चा में है, उन्होंने कमल की नाल से धागा बनाने का स्‍टार्ट अप शुरू किया है। आज, उनके इनोवेशन के चलते कमल की खेती और टेक्‍सटाइल में एक नया ही रास्ता बन गया है। 


प्रधानमंत्री मोदी ने कहानी सुनाने की कला पर विस्‍तार से बताया कि कैसे यह हमेशा से भारतीय संस्‍कृति का हिस्‍सा रही है। हर परिवार में कोई न कोई बुजुर्ग और अग्रज कहानियां सुनाया करते थे और घर में नई प्रेरणा, नई ऊर्जा से भर देते थे।


भारत में कहानी कहने की, या कहें किस्सा-गोई की, एक समृद्ध परंपरा रही है। हमें गर्व है कि हम उस देश के वासी है, जहाँ, हितोपदेश और पंचतंत्र की परंपरा रही है, जहाँ, कहानियों में पशु-पक्षियों और परियों की काल्पनिक दुनिया गढ़ी गयी, ताकि, विवेक और बुद्धिमता की बातों को आसानी से समझाया जा सके। हमारे यहाँ कथा की परंपरा रही है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु और केरल में कहानी सुनाने की बहुत ही रोचक पद्धति है, जिसे विल्‍लूपाट कहा जाता है। इसमें कहानी और संगीत का बहुत ही आकर्षक सामंजस्‍य होता है। श्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत में कठपुतली की जीवंत परंपरा रही है। उन्‍होंने कहा कि इन दिनों विज्ञान कल्‍पना से जुड़ी कहानियां तथा कहानी कहने की विधा लोकप्रिय हो रही है।


इन दिनों साइंस और साइंस फिक्‍शन  से जुड़ी कहानियाँ एवं कहानी कहने की विधा लोकप्रिय हो रही है। मैं देख रहा हूँ कि कई लोग किस्सागोई की कला को आगे बढाने के लिए सराहनीय पहल कर रहे हैं। मुझे gaathastory.in जैसी वेबसाइट के बारे में जानकारी मिली, जिसे, अमर व्यास, बाकी लोगों के साथ मिलकर चलाते हैं।


श्री मोदी ने कहा कि कई ऐसे प्रयास भी हैं जो ग्रामीण भारतीय कहानियों को खूब प्रचलित कर रहे हैं। उन्‍होंने वैशाली व्‍यवहारे देशपांडे का उदाहरण दिया, जो इसे मराठी में लोकप्रिय बना रही हैं। प्रधानमंत्री ने चेन्‍नई की श्रीविद्या वीर राघवन का जिक्र किया जो हमारे देश और हमारी संस्‍कृति से जुड़ी कहानियों को प्रचारित-प्रसारित करने में जुटी हैं। उन्‍होंने इस क्षेत्र में जबरदस्‍त कार्य के लिए दो वेबसाइटों- कथालय और द इंडियन स्‍टोरी टेलिंग नेटवर्क की प्रशंसा की। श्री मोदी ने कहा कि गीता रामानुजन ने कथालय डॉट ओ आर जी में कहानियों पर विशेष ध्‍यान दिया है। द इंडियन स्‍टोरी टेलिंग नेटवर्क के माध्‍यम से अलग-अलग शहरों के कथाकारों का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने बैंगलुरू के विक्रम श्रीधर की चर्चा की, जो बापू से जुड़ी कहानियों को लेकर बहुत उत्‍साहित हैं। श्री मोदी ने लोगों से आग्रह किया कि परिवार के हर सदस्‍य को देश के स्‍वतंत्रता संग्राम और स्‍वतंत्रता सेनानियों की शौर्य गाथाओं से परिचित कराना चाहिए।


मैं, कथा सुनाने वाले, सबसे, आग्रह करूँगा, हम, आज़ादी के 75 वर्ष मनाने जा रहें हैं, क्या हम हमारी कथाओं में पूरे गुलामी के कालखंड की जितनी प्रेरक घटनाएं हैं, उनको, कथाओं में प्रचारित कर सकते हैं। विशेषकर, 1857 से 1947 तक, हर छोटी-मोटी घटना से, अब, हमारी नयी पीढ़ी को, कथाओं के द्वारा परिचित करा सकते हैं। मुझे विश्वास है कि आप लोग ज़रूर इस काम को करेंगे। कहानी कहने की ये कला देश में और अधिक मजबूत बनें, और अधिक प्रचारित हो और सहज बने, इसलिए, आओ हम सब प्रयास करेंI


प्रधानमंत्री ने अफ्रीकी देश माली के सेदू देमबेले का अनुभव भी साझा किया। वे किता में एक स्‍कूल में अंग्रेजी संगीत और चित्रकला के शिक्षक है। लोग उन्‍हें हिन्‍दुस्‍तान का बाबू भी कहते हैं, क्‍योंकि वे माली में एक घंटे का रेडियो कार्यक्रम प्रस्‍तुत करते हैं जिसका नाम है- इंडियन फ्रिक्‍वेंसी ऑन बॉलीवुड सांग्‍स। वे इसे पिछले 23 वर्षों से प्रस्‍तुत कर रहे हैं। श्री देमबेले इस कार्यक्रम के दौरान फ्रांसीसी के साथ-साथ माली की लोकभाषा बमबारा में भी अपनी कमेंटरी करते हैं। सेदू जी ने अब प्रत्‍येक रविवार रात नौ बजे से दो घंटे का एक और कार्यक्रम शुरू किया है, जिसमें वे हिन्‍दी फिल्‍म जगत की कहानी फ्रांसीसी और बमबारा में सुनाते हैं। इस वर्ष 15 अगस्‍त को एक हिन्‍दी वीडियो के माध्‍यम से उन्‍होंने भारतवासियों को स्‍वतंत्रता दिवस की बधाई दी थी। प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे इन वीडियो को देखें और भारत के प्रति अपने प्रेम का अनुभव करें। श्री मोदी ने स्‍वतंत्रता सेनानी भगत सिंह को याद किया, जिनकी कल 28 सितंबर को जयंती है। 


कल, 28 सितम्बर को हम शहीद वीर भगतसिंह की जयन्ती मनायेंगे। मैं, समस्त देशवासियों के साथ साहस और वीरता की प्रतिमूर्ति शहीद वीर भगतसिंह को नमन करता हूँ। शहीद भगतसिंह पराक्रमी होने के साथ-साथ विद्वान भी थे, चिन्तक थे। अपने जीवन की चिंता किये बगैर भगतसिंह और उनके क्रांतिवीर साथियों ने ऐसे साहसिक कार्यों को अंजाम दिया, जिनका देश की आज़ादी में बहुत बड़ा योगदान रहा। शहीद वीर भगतसिंह के जीवन का एक और खूबसूरत पहलू यह है कि वे टीम वर्क के महत्व को बख़ूबी समझते थे। 


प्रधानमंत्री ने कहा कि 2 अक्‍टूबर पवित्र और प्रेरक दिवस है। यह दिन महात्‍मा गांधी और लाल बहादुर शास्‍त्री को याद करने का दिवस होता है। उन्‍होंने कहा कि अगर गांधी के आर्थिक चिंतन की मूल भावना को समझा गया होता तो आज आत्‍मनिर्भर भारत अभियान की आवश्‍यकता ही नहीं पड़ती।


मेरे प्यारे देशवासियो, आने वाले दिनों में हम देशवासी, कई महान लोगों को याद करेंगे, जिनका, भारत के निर्माण में अमिट योगदान है। 02 अक्टूबर हम सबके लिए पवित्र और प्रेरक दिवस होता है। यह दिन माँ भारती के दो सपूतों, महात्मा गाँधी और लाल बहादुर शास्त्री को याद करने का दिन है। पूज्य बापू के विचार और आदर्श आज पहले से कहीं ज्यादा प्रासंगिक हैं, महात्मा गाँधी का जो आर्थिक चिन्तन था, अगर उस स्प्रिट को पकड़ा गया होता, समझा गया होता, उस रास्ते पर चला गया होता, तो, आज आत्मनिर्भर भारत अभियान की जरूरत ही नहीं पड़ती। गाँधी जी के आर्थिक चिंतन में भारत की नस-नस की समझ थी, भारत की खुशबू थी। पूज्य बापू का जीवन हमें याद दिलाता है कि हम ये सुनिश्चित करें कि हमारा हर कार्य ऐसा हो, जिससे, ग़रीब से ग़रीब व्यक्ति का भला हो।


प्रधानमंत्री ने भारत रत्‍न लोकनायक जयप्रकाश जी का भी स्‍मरण किया, जिनकी जयंती 11 अक्‍तूबर को है। उन्‍होंने कहा कि जे.पी. ने भारत के लोकतांत्रिक मूल्‍यों की रक्षा में अग्रणी भूमिका निभाई है। श्री मोदी ने भारत रत्‍न नानाजी देशमुख को भी याद किया, जिनकी जयंती भी 11 अक्‍तूबर को ही है। प्रधानमंत्री ने लोगों से इनके मूल्‍यों को जीवन में अपनाने की अपील की।

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श्री मोदी ने मन की बात में पुणे की श्री स्‍वामी समर्थ किसान उत्‍पादक कंपनी की चर्चा की, जो साप्‍ताहिक बाजार आयोजित कर किसानों को अपने उत्‍पाद बेचने के लिए मंच उपलब्‍ध करा रही है।


व्‍यवस्थित और संगठित कृषि विपणन को विकसित करने के लिए एक मिशन के साथ काम करते हुए, पुणे स्थित श्री स्वामी समर्थ किसान निर्माता कंपनी किसानों को अपनी कृषि उपज बेचने के लिए एक मंच प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। साप्ताहिक बाजार पुणे और मुंबई में 24 स्थानों पर आयोजित किए जाते हैं, जहां राज्य के विभिन्न हिस्सों से किसान आते हैं और अपनी उपज बेचते हैं। कंपनी के निदेशक श्री ऋतुराज जाधव ने आकाशवाणी को बताया कि लोगों से मिल रहे अच्छे प्रतिसाद के कारण, इन साप्ताहिक बाजारों का कारोबार पिछले साल 110 करोड़ रुपये तक चला गया। लॉकडाउन के दौरान, कंपनी ने पुणे नगर निगम के साथ गठजोड़ कर रिहाइशी इमारतों में रहने वाले लोगों को वस्तुओं की आपूर्ति की जो महामारी के कारण अपने घर से बाहर नहीं निकल सकते थे। प्रत्यक्ष विपणन चैनल के रूप में काम कर रही स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को भी यह कंपनी मंच प्रदान करती है। इसके अलावा, यह कुछ फसलों के उत्पादन पर भी किसानों को मार्गदर्शन करती है जिससे साप्ताहिक बाजारों में उन्हें अच्छा लाभ मिलता हैं। इसके अलावा, वे अब सुविधा केंद्र भी शुरू करने जा रही है जहां उपज की छंटाई, ग्रेडिंग और सफाई की जाएगी। इसके बाद किसान बेहतर दाम मिलने के लिए शहरी क्षेत्रों में अपनी उपज बेच सकते हैं। कुणाल शिंदे, आकाशवाणी समाचार, मुंबई।

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गृहमंत्री अमित शाह ने आज पूर्वोत्‍तर राज्‍यों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए डेस्‍टीनेशन नोर्थ ईस्‍ट कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इसका उद्देश्‍य पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में पर्यावरण अनुकूल पर्यटन, संस्‍कृति, धरोहर और व्‍यापार जैसी विभिन्‍न क्षमताओं को उजागर करना है। श्री शाह ने कहा कि पूर्वोत्‍तर क्षेत्र की संस्‍कृति बेजोड़ है और वहां के लोगों ने इसे संरक्षित किया है। उन्‍होंने इस क्षेत्र की बेजोड़ संस्‍कृति को भारतीय संस्‍क़ृति का आभूषण बताया।


डेस्टिनेशन नॉर्थ ईस्‍ट, 2020 का एक शुरूआत विश्‍व पर्यटन दिवस पर होने जा रही है। मैंने जो खूबसूरती नार्थ ईस्ट के अंदर देखी है शायद ही कहीं देखने को मिल जाए और इतनी विविध भाषाएं, विविध संस्‍कृति और संस्‍कृति को नॉर्थ ईस्‍ट ने पूर्वोत्‍तर ने सजा कर संजोकर रखा है। आज भी इतने सालों की संस्‍कृति, इतने सालों का संगीत, इतने सालों का नृत्‍य, इतने सालों से बोले जाने वाली भाषाएं, इतने संघर्ष के बाद भी हम लोगों के बाद भी ज‍स की तस संभालकर रखी है।


इस कार्यक्रम का मुख्‍य विषय रमणीक गंतव्‍य के रूप में पूर्वोत्‍तर के बढ़ते महत्‍व को उजागर करना है ताकि अधिक से अधिक संख्‍या में पर्यटक वहां पहुंचें।


गृहमंत्री ने कहा कि नरेन्‍द्र मोदी सरकार क्षेत्र में विकास का ढ़ांचा मज़बूत करने पर ध्‍यान केंद्रित कर रही है और भविष्‍य में यह विश्‍व में पर्यटन का महत्‍वपूर्ण स्‍थल होगा। उन्‍होंने कहा कि इस क्षेत्र के विकास के लिए शांति महत्‍वूर्ण है और सरकार ढांचा निर्माण के साथ शांति कायम करने पर भी ध्‍यान दे रही है।


पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्री डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि कोविड-19 के बाद इस क्षेत्र के स्‍वर्ण युग की शुरुआत होगी। उन्‍होंने कहा कि यह क्षेत्र पर्यटन और व्‍यापार के महत्‍वपूर्ण लक्ष्‍यों में से एक होगा। उन्‍होंने कहा कि पूर्वोत्‍तर नए भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका अदा करेगा। इस अवसर पर पूर्वोत्‍तर राज्‍यों के मुख्‍यमंत्री भी उपस्थित थे।

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आज विश्‍व पर्यटन दिवस है। इस वर्ष का विषय है- पर्यटन और ग्रामीण विकास। दुनियाभर में बडे शहरों के बाहर सांस्‍कृतिक और प्राकृतिक विरासत को सुरक्ष‍ित रखने के अवसर उपलब्‍ध कराने में पर्यटन की अनूठी भूमिका रेखांकित करने के लिए हर वर्ष 27 सितम्‍बर को विश्‍व पर्यटन दिवस मनाया जाता है।

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अंडमान निकोबार द्वीप समूह में छह महीने बाद विभिन्न पर्यटन गतिविधियां आज से शुरू हो रही हैं। दक्षिण अंडमान जिले में समुद्रतट आज सुबह आम जनता के लिए खुल गए, लेकिन इसका समय सुबह दस से शाम पांच बजे तक निश्चित किया गया है।

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देश में कोविड से स्‍वस्‍थ होने की दर बढ़कर 82 दशमलव चार-छह प्रतिशत हो गई है और 49 लाख से अधिक रोगी कोरोना से पूरी तरह स्‍वस्‍थ हो चुके हैं। आज 88 हजार छह सौ नए मरीज़ों का पता चलने के साथ ही देश में संक्रमित व्‍यक्तियों की कुल संख्‍या उनसठ लाख 92 हजार पांच सौ से अधिक हो गई है। पिछले 24 घंटे में एक हजार एक सौ 24 लोगों की मृत्‍यु होने के साथ ही मृतकों की कुल संख्‍या 94 हजार पांच सौ से ज्‍यादा हो गई है। कोविड से मृत्‍युदर एक दशमलव पांच आठ प्रतिशत है।


देशभर में नौ लाख 56 हजार से अधिक रोगियों का उपचार चल रहा है, जो कुल संक्रमित व्‍यक्तियों का 15 दशमलव नौ छह प्रतिशत हैं।


भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद - आईसीएमआर के अनुसार कल देश में नौ लाख 87 हजार आठ सौ से अधिक कोविड जांच की गई। अभी तक कुल सात करोड़ 12 लाख 58 हजार के करीब कोविड जांच की जा चुकी हैं।

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भारत में नए संक्रमित लोगों की तुलना में कोविड से स्‍वस्‍थ रोगियों की संख्‍या लगातार सातवें दिन अधिक बनी रही। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि 24 राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों में कोविड से स्‍वस्‍थ होने वाले लोगों की संख्‍या दैनिक संक्रमित मरीजों की संख्‍या से अधिक है। प्रतिदिन स्‍वस्‍थ होने की उच्‍च दर के कारण संक्रमण से स्‍वस्‍थ लोगों की अधिकतम संख्‍या के साथ भारत विश्‍व में अग्रणी स्‍थान पर  है। यह केन्‍द्र, राज्‍यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों द्वारा समय पर प्रभावी उपायों के कारण संभव हुआ है।

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आकाशवाणी का समाचार सेवा प्रभाग आज अपने फोन इन कार्यक्रम में कोविड पर विशेष परिचर्चा प्रसारित करेगा। यह कार्यक्रम आज रात साढे नौ बजे से एफ.. गोल्‍ड और अतिरिक्‍त मीटरों पर सुना जा सकता है। राम मनोहर लोहिया अस्‍पताल नई दिल्‍ली के वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्‍टर ए.के. वार्ष्णेय चर्चा में भाग लेंगे। श्रोता, हमारे टोल‍-फ्री नम्‍बर 1 8 0 0 1 1 5 7 6 7  और लैंडलाइन नम्‍बर 0 1 1 2 3 3 1 4 4 4 4 पर कॉल कर विशेषज्ञ से सवाल पूछ सकते हैं। ट्वीटर हैंडल @airnews s पर हैशटैग Askair के जरिए भी सवाल पूछ सकते हैं।

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विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रॉस अधनोम गेब्रेसिस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण के लिये धन्यवाद दिया है। श्री गेब्रेसिस ने कोरोना महामारी के विरूद्ध संघर्ष में अपनी प्रतिबद्धता और एकजुटता दिखाने के लिए श्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। स्वास्थ्य संगठन प्रमुख ने कहा कि कोविड महामारी को विभिन्न स्रोतों और संसाधनों के समेकित उपयोग से ही समाप्त किया जा सकता है।

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प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कल महासभा के 75वें अधिवेशन में कहा कि संयुक्‍त राष्‍ट्र में सुधार समय की आवश्‍यकता है। श्री मोदी ने सवाल किया कि भारत को कब तक इस विश्‍वसंस्‍था के निर्णायक ढांचे से अलग रखा जाएगा? उन्‍होंने कहा कि विश्‍व में बड़ा परिर्वतन आ चुका है और अब दुनिया वह नहीं रह गई है जो 1945 में थी।


हमारे भविष्‍य की आवश्‍यकताएं और चुनौतियां अब कुछ और हैं, इसलिए आज पूरे विश्‍व समुदाय के सामने एक बहुत बड़ा सवाल है कि जिस संस्‍था का गठन तब की परिस्थितियों में हुआ था, उसका स्‍वरूप क्‍या आज भी प्रासंगिक है। अगर हम बीते 75 वर्षों में संयुक्‍त राष्‍ट्र की उपलब्धियों का मूल्‍यांकन करें, तो अनेक उपलब्धियां दिखाई देती हैं, लेकिन इसके साथ ही अनेक ऐसे उदाहरण भी हैं, जो संयुक्‍त राष्‍ट्र के सामने गंभीर आत्‍म-मंथन की आवश्‍यकता खड़ी करते हैं।


प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को इस बात का गर्व है कि वह संयुक्‍त राष्‍ट्र के संस्‍थापक सदस्‍यों में से एक है। उन्‍होंने कहा कि भारत के लोग संयुक्‍त राष्‍ट्र में सुधार की प्रक्रिया के पूरा होने का लम्‍बे समय से इंतजार कर रहे हैं।


प्रधानमंत्री ने कहा कि संयुक्‍त राष्‍ट्र के शांति अभियानों में शहीद होने वाले सैनिकों में सबसे अधिक संख्‍या भारत के सैनिकों की है। उन्‍होंने कहा कि प्रत्‍येक भारतीय, संयुक्‍त राष्‍ट्र में भारत की और बड़ी भूमिका की अपेक्षा करता है।


श्री मोदी ने कहा कि अगले साल जनवरी से भारत संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद के अ‍स्‍थायी सदस्‍य की भूमिका भी निभाएगा। उन्‍होंने कहा कि भारत दुनिया में शांति, सुरक्षा और खुशहाली के लिए हमेशा अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।

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पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसवंत सिंह का आज सुबह नई दिल्ली में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 82 वर्ष के थे। उन्‍हें 25 जून को दिल्‍ली में सेना के आर.आर. अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था। छह वर्ष पहले 2014 में उनके सिर में गहरी चोट लगने के बाद वे कोमा में चले गए थे।


जसवंत सिंह भाजपा के संस्‍थापक सदस्‍यों में से एक थे। उन्‍होंने रक्षा, विदेश और वित्‍तमंत्री के रूप में काम किया और योजना आयोग के उपाध्‍यक्ष भी रहे। राष्‍ट्रपति, उपराष्‍ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जसवंत सिंह की मृत्‍यु पर शोक व्‍यक्‍त किया है।


राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि पूर्व वरिष्‍ठ सैन्‍य अधिकारी, विशिष्ट सांसद, प्रतिभाशाली नेता और बुद्धिजीवी जसवंत सिंह की मृत्‍यु से उन्‍हें धक्‍का पहुंचा है।


उपराष्‍ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि जसवंत सिंह एक महान नेता थे जिन्‍होंने विभिन्‍न पदों पर काम करते हुए राष्‍ट्र को महत्‍वपूर्ण सेवाएं प्रदान की।


प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि जसवंत सिंह ने अटल जी की सरकार में महत्‍वपूर्ण विभाग संभाले और वित्‍त, रक्षा और विदेश मामलों में अपने कार्य से अमिट छाप छोड़ी। श्री मोदी ने कहा उन्‍होंने भारतीय जनता पार्टी को मज़बूत बनाने में भी योगदान किया।


सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि जसवंत सिंह अटल जी के सहयोगी थे और उन्‍होंने वाजपेयी सरकार में प्रशा‍सनिक कौशल का परिचय दिया।

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लद्दाख के वरिष्ठ नेताओं ने लेह स्थित लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद के छठे सामान्य चुनावों के बहिष्कार का निर्णय वापस ले लिया है। शनिवार को गृह मंत्री अमित शाह से संविधान के अंतर्गत लद्दाख क्षेत्र को छठी अनुसूची के लाभ दिए जाने का आश्वासन मिलने के बाद वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव बहिष्कार का फैसला वापस लेने के बारे में बयान जारी किया।

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आईपीएल क्रिकेट में आज शारजाह में राजस्थान रॉयल्स का मुकाबला किंग्स इलेवन पंजाब से होगा।


अबूधाबी में कल रात कोलकाता नाइट राइडर्स ने सनराइजर्स हैदराबाद को सात विकेट से हरा दिया।

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फ्रेंच ओपन टेनिस ग्रेंड स्‍लैम आज से पेरिस में शुरू हो रहा है। कोविड महामारी के कारण दर्शकों की क्षमता पांच हजार से घटाकर एक हजार प्रतिदिन कर दी गई है। पुरूष वर्ग के पहले दौर में शीर्ष वरीयता प्राप्‍त एंडी मरे का सामना स्‍टेन वावारिंका से होगा। महिला वर्ग में पूर्व चैम्पियन और शीर्ष वरीयता प्राप्‍त सिमोना हालेप का सामना सारा सोरिवेस से होगा।

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राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। न्‍यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया और अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार हैं।


पश्चिम की बात करें तो, मुम्‍बई में आमतौर पर बादल छाए रहने और हल्की वर्षा होने का अनुमान है। न्‍यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ और अधिकतम 32 डिग्री सेल्‍सियस के आसपास रहेगा।


चलें चेन्‍नई तो, वहां बादल छाए रहने, हल्की वर्षा होने या बौछारे पड़ने के आसार हैं। तापमान 25 और 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।


पूरब की बात करें तो, कोलकाता में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कहीं-कहीं सामान्य वर्षा होने या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।


वहीं उत्‍तर में, केन्‍द्र शासित प्रदेश जम्‍मू-कश्‍मीर के जम्‍मू में न्‍यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। आसमान साफ रहने के आसार हैं।


श्रीनगर में न्‍यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जबकि अधिकतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्‍मीद है। आंशिक रूप से बादल छाए रहने, गरज के साथ वर्षा होने या आंधी चलने की संभावना है। 


गिलगित में तापमान 12 और 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्‍मीद है। सामान्य तौर पर बादल छाए रहेंगे और गरज के साथ आंधी के साथ वर्षा के आसार हैं।


मुजफ्फराबाद में कहीं-कहीं बादल छाए रहेंगे तथा गरज के साथ बारिश होने या आंधी चलने का अनुमान है।


पूर्वोत्‍तर की बात करें तो, गुवाहाटी में आमतौर पर बादल घिरने और एक या दो स्थानों पर गरज के साथ बारिश होने के आसार हैं। न्‍यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अधिकतम 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। समाचार कक्ष से अलका सिंह।

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बापू का प्रिय भजन - वैष्‍णव जन तो --- जिसे गाया है जापान के कलाकारों ने।

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