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News Highlights
PM hails historic reforms in agriculture; says govt committed to MSP support for farmers            PM Modi inaugurates Kosi Rail mega bridge & 12 railway projects in Bihar            COVID recovery rate improves to 78.86 per cent            India -Japan economic cooperation is on upswing: S Jaishankar            Stage all set for 13th edition of IPL Cricket in Abu Dhabi           

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समाचार संध्या

2000 HRS
15.09.2020
मुख्य समाचार :-

  • रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा को बताया - वास्‍तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के सैनिकों का उग्र व्‍यवहार पिछले सभी समझौतों का उल्‍लंघन। भारत सीमा मुद्दों का समाधान बातचीत से हल करने के लिए प्रतिबद्ध।

  • प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने बिहार में नमामि गंगे और अमृत योजना के तहत विभिन्‍न परियोजनाओं का उद्घाटन किया।

  • कोविड से संघर्षरत स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्‍याण पैकेज बीमा योजना छह और महीनों के लिए बढाई गई।

  • सरकार ने कहा - देश में ऑक्‍सीजन सिलेंडरों की कोई कमी नहीं।

  • मंत्रिमंडल ने बिहार के दरभंगा में नए एम्‍स की स्‍वीकृति दी। पलवल से सोनीपत के लिए हरियाणा ऑरबिटल रेल कॉरिडोर परियोजना को भी स्‍वीकृति दी।

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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत अपने सीमा क्षेत्रों पर मौजूद वर्तमान मसलों को शांतिपूर्ण बातचीत और विचार विमर्श के साथ हल करने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री सिंह ने कहा कि आपसी सम्मान और संवेदनशीलता पड़ोसियों के साथ शांतिपूर्ण संबंध बनाए रखने का आधार है। वास्तविक नियंत्रण रेखा पर उत्पन्न स्थिति के बारे में आज लोकसभा में दिए गए बयान में उन्होंने कहा कि भारत मौजूदा स्थिति को बातचीत से हल करने के प्रति गंभीर है।


हमने चायनीज साइट के साथ डिप्‍लोमेटिक और मिलिट्री इंगेजमेंट बनाए रखा है। इन डिसकशन्‍स में तीन की प्रिसिंपल हमारी एप्रोच को तय करते हैं। फर्स्‍ट दोनों पक्षों को एलएसी का सम्‍मान और कड़ाई से पालन करना चाहिए। सेकेंड किसी भी पक्ष को अपनी तरफ से यथास्थिति का उल्‍लंघन करने का प्रयास नहीं करना चाहिए और थर्ड दोनों पक्षों के बीच सभी समझौतों और अंडरस्‍टैंडिंग्स का पूर्णतया पालन होना चाहिए।


रक्षा मंत्री ने सदन से उन सशस्त्र बलों के हित में एक प्रस्ताव पारित करने को भी कहा, जो खराब मौसम की स्थितियों में भी ऊंचाई वाले स्थानों पर मातृभूमि की रक्षा में डटे हैं। श्री सिंह ने कहा कि चीन लद्दाख में लगभग 38 हजार वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र पर लगातार गैर-कानूनी कब्जा बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि तथाकथित चीन-पाकिस्तान सीमा समझौता, 1963 के अंतर्गत पाकिस्तान ने गैर-कानूनी तरीके से पाक अधिकृत कश्मीर का पांच हजार एक सौ अस्सी वर्ग किलोमीटर क्षेत्र चीन को सौंप दिया है। रक्षामंत्री ने कहा कि पहले भी चीन के साथ सीमा क्षेत्र पर टकराव की स्थितियां बनी थीं, जिसे शांतिपूर्ण ढंग से हल कर लिया गया था। उन्होंने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के सैनिकों द्वारा किया गया उग्रतापूर्ण व्यवहार पिछले सभी समझौतों का उल्लंघन है। श्री सिंह ने कहा कि हालांकि चीन ने अपने सैनिकों की बड़ी संख्या और हथियार को वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तैनात किया है, परंतु, भारतीय सेना सीमा पर उत्पन्न हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।


इस वर्ष हाल की घटनाओं में चाइनीज फोर्सेज़ का वॉयलेंट कन्‍डक्‍ट, सभी म्‍यूच्युअली एडिट नार्म्स का पूरी तरह से उल्‍लंघन है। अभी की स्थिति के अनुसार चायनीज साइट ने एलएसी और अंदरूनी क्षेत्रों में बड़ी संख्‍या में सैनिक टुकडि़यां और गोलाबारूद मोबिलाइज किया हुआ है। चीन की कार्रवाई के जवाब में हमारी आर्म्स फोर्सेज़ ने भी इन क्षेत्रों में उपयुक्‍त काउंटर डिपलॉयमेंट किए हैं अध्‍यक्ष महोदय, ताकि भारत के सिक्‍योरिटी इंटरस्‍ट को पूरी तरह से सुरक्षित रखा जा सके।


कांग्रेस के सदस्यों ने इस मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर सदन से वाकआउट किया।

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प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने नमामि‍ गंगे और अमृत योजना के तहत बिहार में शहरी बुनियादी ढ़ांचे से संबंधित सात परियोजनाओं का वीडि़यो कांफ्रेंस के जरिये उद्घाटन किया और आधारशिला रखी। इनमें से चार परियोजनाएं जलापूर्ति से संबंधित हैं जबकि दो, जलमल उपचार और एक, नदी क्षेत्र के विकास से जुडी है। इन परियोजनाओं की कुल लागत पांच सौ 41 करोड़ रुपये है।


श्री मोदी ने कहा कि गंगा नदी को स्वच्छ रखने के लिए बिहार में छह हजार करोड़ रुपये की 50 से अधिक परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि गंगा के किनारे कई पर्यटन स्थल विकसित किए जा रहे हैं।


उन्होंने आशा व्‍यक्त की कि नमामि गंगे परियोजना लोगों के जीवन शैली को बदल देगी। उन्‍होंने कहा‍ कि नमामि गंगे मिशन, डॉल्फिन परियोजना और गंगा में जैव विविधता के लिए भी बहुत सहायक सिद्ध होगा।


नमामि गंगे मिशन के तहत बिहार सहित पूरे देश में 180 से अधिक घाटों के निर्माण का काम चल रहा है। इसमें से 130 घाट पूरे भी हो चुके हैं। देश में गंगा के किनारे कई जगहों पर आधुनिक सुविधाओं से युक्त रिवर फ्रंट पर भी काम तेजी से चल रहा है। पटना में तो रिवर फ्रंट का प्रोजेक्ट पूरा हो चुका है। मुजफ्फरपुर में भी ऐसा ही रिवर फ्रंट बनाने की परियोजना का शिलान्यास किया गया है।


प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र और बिहार सरकार के संयुक्त प्रयासों से राज्य भर के शहरों में पीने के पानी और सीवर जैसी बुनियादी सुविधाओं में लगातार सुधार हो रहा है। श्री मोदी ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत पिछले एक साल में बडे स्‍तर पर काम हुआ है।


बीते एक साल में जल-जीवन मिशन के तहत पूरे देश में दो करोड़ से ज्यादा पानी के कनेक्शन दिए जा चुके हैंआज देश में हर दिन एक लाख से ज्यादा घरों को पाईप से पानी के नए कनेक्शन से जोड़ा जा रहा है। स्वच्छ पानी मध्यम वर्ग का गरीब का न सिर्फ जीवन बेहतर बनाता है बल्कि उन्हें अनेक गंभीर बीमारियों से भी बचाता है।

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गृहमंत्री अमित शाह ने बिहार में इन परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास पर प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। श्री अमित शाह ने कहा कि 2014 के बाद से, मोदी सरकार बिहार के लोगों के कल्याण और राज्य के विकास के लिए समर्पित भाव से काम कर रही है।

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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बिहार के दरभंगा में प्रधानमंत्री स्‍वास्‍थ्‍य सुरक्षा योजना के तहत एक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान-एम्‍स बनाने की स्‍वीकृति दे दी है। एम०बी०बी०एस० की अंडर ग्रेजुएट की सौ और बी०एस०सी० नर्सिंग की साठ सीटें होंगी। इसका निर्माण चार वर्षों में एक हजार दो सौ 64 रुपये की लागत से किया जाएगा।

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मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने सोहना-मानेसर-खरखौदा के रास्‍ते पलवल से सोनीपत तक हरियाणा आर्बिटल रेल कॉरिडार परियोजना को मंजूरी दे दी है। ये रेललाईन पलवल से शुरू होकर दिल्‍ली-अम्‍बाला खंड पर हरसाना कलां स्‍टेशन पर समाप्‍त होगी। परियोजना का काम पांच साल में पूरा किया जाएगा और इस पर करीब पांच हजार 617 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

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सरकार ने कहा है कि देश में ऑक्‍सीजन सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है। इस समय ऑक्‍सीजन का उत्‍पादन बढकर छह हजार नौ सौ मीट्रिक टन से अधिक हो गया है। स्‍वास्‍थ्‍य सचिव राजेश भूषण ने बताया कि प्रत्‍येक राज्‍य में ऐसे प्रबंध होने चाहिएं जिससे ऑक्‍सीजन समय पर उपलब्‍ध की जा सके। उन्‍होंने बताया कि देश में अब तक साढे 38 लाख कोरोना रोगी स्‍वस्‍थ हो चुके हैं और स्‍वास्‍थ्‍य दर में निरंतर सुधार आ रहा है। श्री भूषण ने बताया कि कुल रोगियों में से वर्तमान रोगियों की संख्‍या केवल 20 प्रतिशत रह गई है और स्‍वस्‍थ होने वालों की दर 78 दशमलव दो-आठ प्रतिशत हो गई है। स्‍वास्‍थ्‍य सचिव ने कहा कि भारत में प्रति दस लाख की आबादी पर तीन हजार 573 मरीज हैं।


हमारे यहां तीन हजार पांच सौ केस प्रति मिलियन पॉपूलेशन हैंजबकि अन्‍य देशों में ये पांच हजार से लेकर ऑलमोस्‍ट 22 हजार प्रति मिलियन तक हैं। डैथ प्रति मिलियन यहां भी भारत सबसे नीचे संख्‍या दिखा रहा है। हमारे यहां 58 मृत्‍यु प्रति मिलियन होती हैंजबकि विश्‍व के अन्‍य देशों में एक सौ 28 से लेकर लगभग छह सौ से कुछ अधिक मृत्‍यु प्रति मिलियन हो रही हैं।


भारतीय चिकित्‍सा अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ० बलराम भार्गव ने कहा कि भारत में तीन वैक्‍सीनों पर चिकित्‍सा परीक्षण चल रहे हैं।

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सांसदों के वेतन भत्तों और पेंशन संबंधित संशोधन विधेयक 2020 आज लोकसभा में पारित कर दिया गया। ये विधेयक इस वर्ष छह अप्रैल को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा पारित किए गए इस संबंधी अध्यादेश का स्थान लेगा। विधेयक में सांसदों और मंत्रियों के वेतन और भत्तों में तीस प्रतिशत की कटौती का प्रावधान है। 


विधेयक में सांसदों के संसदीय क्षेत्र भत्ते और कार्यालय खर्च भत्ते में कटौती का भी प्रावधान है। यह पहली अप्रैल, 2020 से एक वर्ष के लिए प्रभावी रहेगा। लोकसभा सदस्यों ने पार्टी लाइन से ऊपर उठ कर कोविड से निपटने के सरकार के प्रयासों के तहत लाए गए इस विधेयक का समर्थन किया है।


संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कल लोकसभा में इस विधेयक को पेश किया था।

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कोविड-19 के खिलाफ लड़ने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज बीमा योजना को अगले छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। इसे इस वर्ष 30 मार्च को घोषित किया गया था।


यह केंद्रीय योजना सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं सहित उन स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को 50 लाख रुपये के बीमा के दायरे में लाती है, जिन्हें कोविड-19 रोगियों के सीधे संपर्क और देखभाल में रहना पड़ सकता है तथा उन्‍हें संक्रमित होने का जोखिम बना रहता है। इस योजना में कोविड-19 के कारण दुर्घटनावश मौत के शिकार लोग भी शामिल हैं।

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संसद में आज की कार्यवाही की समीक्षा। पहले पेश है लोकसभा की समीक्षा। लेखक हैं-- पीटीआई भाषा के अनवारूल हक।----


लद्दाख के पूर्वी क्षेत्र में चीन की सेना के साथ गतिरोध के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज लोकसभा में वक्तव्य दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि भारत शांतिपूर्ण तरीके से सीमा मुद्दे के हल के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन पड़ोसी देश द्वारा यथास्थिति में एकतरफा ढंग से बदलाव का कोई भी प्रयास अस्वीकार्य होगा।


राजनाथ सिंह ने कहा कि हम पूर्वी लद्दाख में चुनौती का सामना कर रहे हैं, हम मुद्दे का शांतिपूर्ण ढंग से हल करना चाहते हैं और हमारे सशस्त्र बल देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए डटकर खड़े हैं।


रक्षा मंत्री के वक्तव्य के बाद कांग्रेस के सदस्य भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखना चाहते थे लेकिन अध्यक्ष ओम बिरला ने नियमों का उल्लेख करते हुए उन्हें अनुमति नहीं दी।


कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी और गौरव गोगोई ने कहा कि उन्हें भी बोलने का अधिकार है। हालांकि आसन से अनुमति नहीं मिलने के बाद कांग्रेस सदस्यों ने विरोध स्वरूप सदन से वाकआउट किया।


रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि इस सदन को प्रस्ताव पारित करना चाहिए कि यह सदन और सारा देश सशस्त्र बलों के साथ है। उन्होंने कहा कि मैं इस सदन से यह आग्रह करना चाहता हूं कि हमें एक प्रस्ताव पारित करना चाहिए कि हम अपने वीर जवानों के साथ कदम-से-कदम मिलाकर खड़े हैं, जो कि अपनी जान की परवाह किए बिना विषम परिस्थितियों के बावजूद भारत माता की रक्षा कर रहे हैं।


रक्षा मंत्री ने हाल ही में चीन के रक्षा मंत्री वेई फेंगहे से मॉस्को में अपनी बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि मैंने यह भी स्पष्ट किया कि हम इस मुद्दे को शांतिपूर्ण ढंग से हल करना चाहते हैं और हम चाहते हैं कि चीनी पक्ष हमारे साथ मिलकर काम करे। हमने यह भी स्पष्ट कर दिया कि हम भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।


रक्षा मंत्री ने कहा कि इस वर्ष की स्थिति पहले से बहुत अलग है, फिर भी हम मौजूदा स्थिति के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि इसके साथ-साथ वह सदन को आश्वस्त करना चाहते हैं कि सरकार सभी परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार है।


राजनाथ सिंह ने अप्रैल के बाद से पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ गतिरोध के हालात और सीमा पर शांति के लिए कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर किये गये प्रयासों का भी उल्लेख किया।


सदन में आज ही संसद सदस्य वेतन, भत्ता और पेंशन (संशोधन) विधेयक, 2020 लोकसभा में पारित किया गया। इस विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए अधिकतर विपक्षी सदस्यों ने कहा कि सांसदों के वेतन में कटौती से उन्हें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन सरकार को सांसद निधि के निलंबन पर पुनर्विचार करना चाहिए।


लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि वह एक पिछड़े हुए क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और ऐसे में सांसद निधि नहीं होने से विकास कार्य प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि सांसद निधि का अधिकतर पैसा गांवों, अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए खर्च होता है और ऐसे में यह निधि निलंबित करके सरकार इनके खिलाफ काम कर रही है।


कांग्रेस के ही डीन कुरियाकोस ने कहा कि सरकार को सांसद निधि निलंबित करने के बजाय पैसे जुटाने के लिए दूसरे साधनों पर विचार करना चाहिए था।


भाजपा के विजय बघेल ने कहा कि कोरोना महामारी के समय सभी सांसदों ने अपने क्षेत्रों के लिए काम किया और अब उन्हें इस विधेयक को सहयोग करके भी अपना योगदान देना चाहिए।


तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय ने कहा कि सरकार की ओर से सांसद निधि निलंबित करने से उनके क्षेत्र में प्रशासन की तरफ से इस निधि का पैसा जारी नहीं किया जा रहा है।


द्रमुक के कलानिधि वीरस्वामी, वाईएसआर कांग्रेस के एम भारत और कुछ अन्य सदस्यों ने भी सांसद निधि के निलंबन का विरोध किया।


संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सांसदों के वेतन में कटौती का कदम उठाया गया ताकि हम खुद आदर्श पेश कर सकें।


उन्होंने कहा कि सांसद निधि का निलंबन सिर्फ दो वर्ष के लिए है और सरकार ने कोरोना संकट से निपटने और विकास के लिए 20 लाख करोड़ रुपये का पैकेज देने के साथ कई दूसरे कदम उठाए।


लोकसभा में शून्यकाल के दौरान सदस्यों ने लोकमहत्व के कई मुद्दे भी उठाए।


जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि केंद्रशासित प्रदेश की आधिकारिक भाषा की सूची में पंजाबी को भी शामिल किया जाए।


बादल ने सदन में शून्यकाल के दौरान आधिकारिक भाषा से संबंधित एक विधेयक का मुद्दा उठाया और कहा कि पंजाबी भाषा जम्मू-कश्मीर में बहुत लंबे समय से बोली जाती रही है, लेकिन अब इसे आधिकारिक भाषा की सूची से अलग रखा गया है। मेरी मांग है कि सरकार इस पर पुनर्विचार करे।


फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार को अपने फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए और पंजाबी को जम्मू कश्मीर की आधिकारिक भाषाओं में शामिल करना चाहिए।


महाराष्ट्र सरकार और फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत के बीच चल रही तनातनी का मुद्दा भी आज लोकसभा में गूंजा।


शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए मंडी के सांसद राम स्वरूप शर्मा ने कहा कि हिमाचल की बेटी कंगना रनौत के साथ महाराष्ट्र में पिछले दिनों जो व्यवहार हुआ उसकी भर्त्सना की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि रनौत के साथ न सिर्फ वहां दुर्व्यवहार हुआ बल्कि करोड़ों की लागत वाले उनके कार्यालय को भी ध्वस्त कर दिया गया।


राम स्वरूप शर्मा ने कहा कि शिवाजी के आदर्शों के साथ बाला साहब ठाकरे ने जिस शिव सेना को चलाया, आज वह शिव सेना कांग्रेस सेना बन कर रह गई है।


बसपा के मलूक नागर ने कहा कि 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने उत्तर प्रदेश को चार भागों में बांटने के लिए एक प्रस्ताव पारित कराकर केंद्र सरकार को भेजा था।


उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस दिशा में ध्यान देना चाहिए।


केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने गर्भवती महिलाओं के लिए बना डाइट चार्ट लोकसभा में रखा और सांसदो से आग्रह किया कि वे कुपोषण के खिलाफ जागरुकता फैलाने के मकसद से मनाए जा रहे ‘पोषण माह’ में अपने स्तर पर भूमिका निभाएं।


उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष की इच्छा के अनुसार यह डाइट चार्ट तैयार किया गया है।


स्मृति ईरानी ने कहा कि इस चार्ट को तैयार करने के लिए उनके मंत्रालय ने एक समिति का गठन किया था।


लोकसभा में आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक पर चर्चा में भाग लेते हुए शिवसेना के राहुल शेवाले ने कहा कि खाद्य वस्तुओं की कीमत पर नियंत्रण के संदर्भ में कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं किया गया है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।


उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ने के जरूरी वस्तुओं की कीमत पर नियंत्रण के लिए कड़े प्रावधान करना चाहिए।


जनता दल यूनाइटेड के कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि कालाबाजारी और जमाखोरी पर अंकुश लगाने के लिए पूरा प्रयास होना चाहिए और इस विधेयक से कीमतों को नियंत्रण करने में मदद मिलेगी।


बीजू जनता दल के भतृहरि महताब ने कहा कि कीमतों के नियंत्रण को लेकर सशक्त व्यवस्था होनी चाहिए।


बसपा के कुंवर दानिश अली ने कहा कि यह विधेयक किसान विरोधी है और बिचौलियो को फायदा पहुंचाने वाले है।


शिरोमणि अकाली दल के सुखबीर सिंह बादल ने विधेयक का विरोध किया और कहा कि इसे और दूसरे संबंधित अध्यादेशों को वापस लेना चाहिए।


राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के श्रीनिवास पाटिल और कुछ अन्य सदस्यों ने भी चर्चा में भाग लिया।


चर्चा के बाद ध्‍वनिमत से विधेयक को पारित कर दिया गया।

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राज्‍यसभा की कार्यवाही की समीक्षा लेखक हैं-पीटीआई भाषा के अविनाश।------


मानसून सत्र के दूसरे दिन राज्यसभा ने वायुयान (संशोधन) विधेयक 2020 को चर्चा के बाद ध्वनि मत से पारित कर दिया। यह विधेयक भारत की विमानन सुरक्षा रेटिंग में सुधार लाने और नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) सहित विभिन्न नियामक संस्थानों को वैधानिक दर्जा प्रदान करने से संबंधित है।


यह विधेयक लोकसभा में पहले ही पारित हो चुका है। इस विधेयक में देश के सशस्त्र बलों से संबंधित विमानों को वायुयान कानून, 1934 के दायरे से बाहर रखने का भी प्रावधान है। विधेयक में नए नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये करने का भी प्रस्ताव है।


चर्चा में कई सदस्यों ने एयर इंडिया के निजीकरण को लेकर चिंता जतायी। विपक्षी सदस्यों की चिंता को खारिज करते हुए नागर विमानन मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि वर्ष 2006 में मुंबई और दिल्ली जैसे दो महत्वपूर्ण हवाईअड्डों का निजीकरण हुआ जिसके बाद भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकार (एएआई) को 29,000 करोड़ रुपये मिले। इससे न सिर्फ इन दो हवाईअड्डों बल्कि देश के अन्य हवाईअड्डों के आधारभूत ढांचे को विकसित करने में मदद मिली।


उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि हवाई यात्रा सुरक्षित, सुलभ और सस्ती हो और वह सुरक्षा संबंध में किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के अंत तक सामान्य रूप से उड़ानों के संचालन शुरु हो जाने की उम्मीद की जा रही है।


उन्होंने कहा कि विगत कुछ वर्षो में हवाई यात्रियों की संख्या और मालढुलाई में काफी वृद्धि हुयी है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षो में हवाई यात्रियों की संख्या लगभग दोगुनी हो गयी है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास हवाईअड्डों के बुनियादी ढांचा व्यवस्था को और मजबूत बनाना और हवाई सेवाओं का विस्तार करने का है।


उन्होंने कहा कि एयर इंडिया का निजीकरण करने या नहीं करने की दृष्टि से देखने के बजाय उसके 60,000 करोड़ रुपये के बकाया ऋण और उसे खत्म करने के उद्देश्य से देखा जाना चाहिये।


चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस ने देश के छह हवाई अड्डों के निजीकरण की जांच की मांग की। कांग्रेस सदस्य के सी वेणुगोपाल ने कहा कि भारतीय हवाई अड्डों पर एकाधिकार की यह एक चाल है। उनके आरोप को खारिज करते हुए भाजपा सदस्य जीवीएल नरसिंह राव ने दावा किया कि हवाई अड्डों के विकास में पूरी पारदर्शिता है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत यूपीए शासन के दौरान सांठगांठ वाले पूंजीवाद को बढ़ावा दिया गया था। उन्होंने कहा कि नागरिक उड्डयन क्षेत्र में मोदी सरकार के तहत व्यापक परिवर्तन हुआ है और पिछले पांच वर्षों में यात्री यातायात दोगुना हो गया है।


उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों के लिए हवाई यात्रा को सुरक्षित और सुलभ बनाना।


तृणमूल कांग्रेस के दिनेश त्रिवेदी ने वंदे भारत मिशन की सराहना की और सरकार से एयर इंडिया का पुनर्गठन करने की मांग की।


चर्चा में बीजद के प्रसन्न आचार्य, सपा के विश्वंभर प्रसाद निषाद, द्रमुक के पी विल्सन, माकपा की झरणा दास वैद्य, राजद के मनोज झा, राकांपा के प्रफुल्ल पटेल, भाकपा के विनय विश्वम, आप के संजय सिंह, भाजपा के डी पी वत्स, हर्षवर्धन सिंह ढूंगरपुर, कांग्रेस के विवेक तन्खा सहित अन्य सदस्यों ने भी भाग लिया।


इसके बाद सदन में आयुर्वेद शिक्षण और अनुसंधान संस्थान विधेयक, 2020 पर चर्चा शुरू हुयी। हालांकि चर्चा अधूरी रही।


इससे पहले सुबह बैठक शुरू होने पर सदन में शून्यकाल हुआ जिसमें विभिन्न दलों के सदस्यों ने लोक महत्व के विषय के तहत अपने अपने मुद्दे उठाए। इस दौरान कई सदस्यों ने कोरोना वायरस के कारण लोगों की आजीविका प्रभावित होने का मुद्दा उठाते हुए मनरेगा योजना में कार्यदिवस की मौजूदा 100 दिनों की सीमा को बढ़ाने की मांग की।


कांग्रेस सदस्य छाया वर्मा ने कहा कि अभी मनरेगा योजना में 100 दिनों के काम का प्रावधान है और मजदूरों की समस्याओं को देखते हुए इसे बढ़ाकर 200 दिन किया जाना चाहिए। कांग्रेस के पी एल पुनिया ने मौजूदा महामारी के मद्देनजर मनरेगा कानून में जरूरी संशोधन करने और न्यूनतम मजदूरी कम से कम 300 रूपए करने की मांग की।


फिल्म उद्योग की कथित आलोचना पर नाराजगी जताते हुए समाजवादी पार्टी की सदस्य जया बच्चन ने कहा कि देश में किसी भी संकट के दौरान सहायता में कभी पीछे नहीं रहने वाला यह उद्योग सराहना का हकदार है। उन्होंने कहा कि दुख की बात यह है कि कुछ लोग जिस थाली में खाते हैं, उसी थाली में छेद करते हैं।


भाजपा के डॉ. विकास महात्मे ने एक वेबसीरीज का जिक्र करते हुए सरकार से मांग की कि वेबसीरीज के नियमन के लिए कानून बनाया जाए।


शून्यकाल में वाईएसआर कांग्रेस के विजय साई रेड्डी ने पोलावरम परियोजना से जुड़ा मुद्दा उठाते हुए केंद्र से बकाया राशि जल्द जारी करने की मांग की। वहीं टीआरएस सदस्य के. आर. सुरेश रेड्डी ने विभिन्न राज्यों के बीच नदियों के जल के बंटवारे का मुद्दा उठाया। द्रमुक सदस्य एम षणमुगन ने प्रधानमंत्री किसान योजना से जुड़ा मुद्दा उठाया।


मनोनीत शंभाजी छत्रपति और कांग्रेस के राजीव सातव ने मराठा आरक्षण का मुद्दा उठाया। सातव ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के एक हालिया फैसले के कारण मराठा आरक्षण पर खतरा पैदा हो गया है।


कांग्रेस के रिपुन बोरा ने असम में दो पेपरमिल बंद हो जाने से बड़ी संख्या में कर्मचारियों के बेरोजगार हो जाने का मुद्दा उठाया।


सपा सदस्य राम गोपाल यादव ने कोरोना वायरस महामारी के कारण बड़े पैमाने पर लोगों के बेरोजगार होने और उनमें पैदा हो रही हताशा के कारण आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्ति का मुद्दा उठाया। राम गोपाल यादव ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन के कारण अपनी आजीविका गंवाने वाले लोगों को हर महीने 15 हजार रूपये भत्ता देने का सरकार से अनुरोध किया।


इससे पहले, सुबह सभापति एम वेंकैया नायडू ने आज अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस होने का जिक्र किया। लोकतंत्र के महत्व का जिक्र करते नायडू ने स्वस्थ लोकतंत्र के लिए अधिकारों और कर्तव्यों के बीच संतुलन पर बल दिया।


स्वास्थ्य मंत्री डॉक्‍टर हर्षवधन ने सदन की मंजूरी से सहबद्ध और स्वास्थ्य देख-रेख वृत्ति विधेयक, 2018 को वापस ले लिया और राष्ट्रीय सहबद्ध और स्वास्थ्य देखरेख वृत्ति आयोग विधेयक, 2020 पेश किया। वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2020 पेश किया।


डॉक्‍टर हर्षवर्धन ने कोविड-19 महामारी और उससे निपटने के लिए सरकार द्वारा उठाये गये कदमों पर सदन में एक बयान दिया। इसमें उन्होंने कहा कि भारत में करीब 92 प्रतिशत मामले हल्के लक्षण वाले हैं, और केवल 5.8 प्रतिशत मामलों में ऑक्सीजन थैरेपी की जरूरत पड़ी और केवल 1.7 प्रतिशत मामले आईसीयू वाले रहे।

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