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Last Updated : Sep 18 2020 10:31PM     Screen Reader Access
News Highlights
PM hails historic reforms in agriculture; says govt committed to MSP support for farmers            PM Modi inaugurates Kosi Rail mega bridge & 12 railway projects in Bihar            COVID recovery rate improves to 78.86 per cent            India -Japan economic cooperation is on upswing: S Jaishankar            Stage all set for 13th edition of IPL Cricket in Abu Dhabi           

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समाचार प्रभात

0800 HRS
15.08.2020

मुख्य समाचार

  • राष्‍ट्र आज 74वां स्‍वतंत्रता दिवस मना रहा है।

  • प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने दिल्‍ली में लालकिले के प्राचीर से राष्‍ट्रीय ध्‍वज फहराया और राष्‍ट्र को संबोधित किया।

  • प्रधानमंत्री ने आत्‍मनिर्भर भारत का संकल्‍प दोहराया, लोगों से स्‍थानीय उत्‍पादों को बढावा देने को कहा।

  • प्रधानमंत्री ने आज से राष्‍ट्रीय डिजीटल स्‍वास्‍थ्‍य मिशन शुरू होने की घोषणा की।

  • सरकार ने बुनियादी ढांचा क्षेत्र में नई क्रांति के लिए‍ विभिन्‍न क्षेत्रों में सात हजार परियोजनाओं की पहचान की।

  • प्रधानमंत्री ने कहा- भारत आतंकवाद और विस्‍तारवाद दोनों से प्रभावी ढंग से निपट रहा है। 

  • राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविन्‍द ने कहा- भारत शांतिप्रिय है, लेकिन किसी भी देश के दुस्‍साहस का मुंहतोड जवाब देने में सक्षम है। उन्‍होंने वीर सैनिकों और कोरोना योद्धाओं की सराहना की।

  • राष्‍ट्रपति ने सशस्‍त्र बलों के लिए 84 वीरता पुरस्‍कारों की स्‍वीकृति दी।

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राष्‍ट्र आज 74वां स्‍वतंत्रता दिवस मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने दिल्‍ली में ऐतिहासिक लालकिले के प्राचीर से राष्‍ट्र ध्‍वज फहराया और राष्‍ट्र को सम्‍बोधित किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लालकिले पर श्री मोदी की अगवानी की। प्रधानमंत्री ने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया।

गार्ड ऑफ ऑनर की टुकडी में सेना, नौसेना, वायु सेना और दिल्‍ली पुलिस के एक-एक अधिकारी और 24-24 जवान शामिल थे। लेफ्टिनेंट कर्नल गौरव एस. येवालकर ने गार्ड ऑफ ऑनर का नेतृत्‍व किया।

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स्‍वतंत्रता दिवस के पावन पर्व पर देशवासियों को बधाई और शुभकामनाओं से अपने संबोधन का आरंभ करते हुए प्रधानमंत्री ने अमर शहीदों और वीरों के बलिदान को सर्वप्रथम नमन किया।

आज जो हम स्‍वतंत्र भारत में सांस ले रहे है। उसके पीछे मां भारती के लाखों बेटे-बेटियों उनका त्‍याग, उनका बलिदान और मां भारती को आभार कराने के संकल्‍प के प्रति उनका समर्पण आज ऐसे सभी हमारे स्‍वतंत्रता सेनानियों का  आजादी के वीरों का नणबांकुरों का वीर शहीदों का नमन करने का ये पर्व है। हमारे फौज के ये जाबांज जवान, हमारे अर्द्धसैनिक बल, हमारे पुलिस के जवान, सुरक्षा बल से जुड़े हुए हर मां भारती की रक्षा में जुटे रहते हैं। सामान्‍य मानवों की रक्षा में जुटे रहते हैं। आज उन सबको भी हृदय पूर्वक, आदर पूर्वक स्‍मरण करने का उनके महान त्‍याग, तपस्‍या कोनमन करने का पर्व है। 

सेना, अर्द्धसैनिक बल, पुलिस और सुरक्षाबलों के सभी कर्मियों को आदर पूर्वक स्‍मरण करते हुए उनके महान त्‍याग और तपस्‍या को भी नमन किया। परंपरा से हटकर इस बार स्‍कूली बच्‍चों की अनुपस्थिति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना संकट के दौरान सेवा परमोधर्म के मंत्र को पूर्ण समर्पण भाव से देश के चिकित्‍साकर्मियों, स्‍वच्‍छताकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों तथा पुलिस के प्रशंसनीय कार्य के लिए वे उनका अभिनंदन करते हैं।

इस कोरोना के कालखंड में कोरोना वारियर्स जैसे डॉक्‍टर हो, नर्स, सफाई कर्मी हो, एम्‍बुलेंस चलाने वाले लोग हो किस किस के नाम गिनाउंगा। उन लोगों ने इतने लंबे समय जिस प्रकार से सेवा परमोधर्म: इस मंत्र को जीकर के दिखाया है। पूर्ण सम्‍पूर्ण भाव से मां भारती के प्राणों की सेवा की है। ऐसे सभी कोरोना वारियर्स को भी मैं नमन करता हूं।

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प्रधानमंत्री ने इस कोरोना संकट में प्रभावित अनेक लोगों, परिवारों का भी जिक्र किया। उन्‍होंने कहा कि इस संकट में कई लोगों ने अपनी जान गंवाई। प्रधानमंत्री ने ऐसे सभी परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक सौ तीस करोड़ लोगों की अदम्‍य संकल्‍प शक्ति ने करोना की लड़ाई में विजय दिलाई।

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प्रधानमंत्री ने आजादी की जंग में भारत की संस्‍कृति परंपरा और रीतियों को कुचलने के प्रयासों पर चर्चा करते हुए कहा कि यावत चन्‍द्र दिवाकरों की सोच रखने वाले लोगों को आजादी के भारतवासियों के प्रण ने मजबूर किया।

प्रधानमंत्री ने आजादी के पर्व में विस्‍तारवाद को पछाड़ने के लिए भारतीयों के एकता के सूत्र को मूल मंत्र बताया। भारत की सामूहिकता और एकता की ताकत की ऊर्जा से देश स्‍वतंत्रता की लड़ाई में आगे बढ़ता गया।

युद्ध की विभीषिका के बीच भी और अपने, अपने आजादी की ललक को नहीं छोड़ा। न कमी आने दी, न नमी आने दी। देश बलिदान करने की जरूरत पड़ी, बलिदान देता रहा। कष्‍ट झेलने की जरूरत पड़ी, कष्‍ट झेलता रहा। जन आंदोलन खड़ा करने की जरूरत पड़ी जन आंदोलन खड़ा करता रहा और भारत की लड़ाई में दुनिया में आज़ादी के लिए माहौल बना दिया है।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना संकट में देश ने आत्‍मनिर्भर बनने का संकल्‍प लिया है। आत्‍मनिर्भर शब्‍द नहीं, बल्कि ये एक सौ तीस करोड़ जनता के लिए मंत्र बन गया है। उन्‍होंने कहा कि भारत युवा शक्ति से भरा हुआ देश है। आत्‍मनिर्भर भारत की नींव, आत्‍मविश्‍वास है।

कोरोन वैश्विक महामारी के बीच 130 करोड़ भारतीयों ने संकल्‍प लिया। संकल्‍प आत्‍मनिर्भर बनने का और आत्‍मनिर्भर भारत आज हर हिन्‍दु‍स्‍तान के मन मष्तिक में तो छाया हुआ है। आत्‍मनिर्भर भारत ये सपना संकल्‍प में परिवर्तित देख रहे है। आत्‍मनिर्भर भारत ये एक शब्‍द नहीं ये आज 130 करोड़ देशवासियों के लिए मंत्र बन गया है।

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देशवासियों के समक्ष आत्‍मनिर्भर बनने के संकल्‍प पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्‍व की अपेक्षाएं पूरी करने के लिए हमने कृषि में बदलाव किया, उसे बंधनमुक्‍त किया।

एक समय था जब हम बाहर से गेहूं मंगवाकर के अपना पेट भरते थे लेकिन हमारे देश के किसानों ने वो कमाल करके दिख दिया आत्‍मनिर्भर भारत कृषि क्षेत्र में बना। आज भारत के किसान भारत के नागरिकों का ही पेट भरते इतना नहीं है आज भारत वो स्थिति में है कि दुनिया में जिसको जरूरत है उसको भी हम अन्‍न दे सकते हैं। अगर ये हमारी शक्ति है आत्‍मनिर्भर की एक ताकत है तो हमारे कृ‍षि क्षेत्र में भी मूल्‍यवृद्धि आवश्‍यक है वैश्विक आवश्‍यकताओं के अनुसार हमारे कृषि जगत में बदलाव की आवश्‍यकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष और ऊर्जा क्षेत्र में भारत विश्‍व की मदद कर सकता है। कौशल विकास की ओर आगे बढ़ने से हमारे आत्‍मनिर्भर बनने के संकल्‍प को बल मिला।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि आत्‍मनिर्भर बनने के लिए भारत के सामने लाखों चुनौतियां भी हैं, पर उन चुनौतियों का समाधान देने वाले करोड़ों लोगों की शक्ति भी है। उन्‍होंने कहा कि जिस देश में एन-95 मास्‍क, पी.पी.ई. किट, वेंटीलेटर नहीं बनते थे, अब बनने लगे।

कोरोना के संकट काल में हमने देखा कि बहुत चीजों के लिए हम कठिनाईयों में है, हमें दुनिया से लड़ना हैं, दुनिया दे नहीं पा रही। हमारे देश के नौजवानों ने हमारे देश के उद्यमियों ने, हमारे देश के उद्योग जगत के लोगों ने बेड़ा उठा लिया। जिस देश में एन-95 नहीं बनता था बनने लगे, पीपीई नहीं बनता था, बनने लग गये, वेंटीलेटर नहीं बनता था, बनने लग गयें । देश की आवश्‍यकता की तो पूर्ति हुई लेकिन दुनिया में एक्‍सपोर्ट करने की हमारी ताकत बन गई। दुनिया की जरूरत थी आत्‍मनिर्भर भारत दुनिया को कैसे मदद कर सकता है आज इसमें हम देख सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आजाद भारत की मानसिकता वोकल फोर लोकल होनी चाहिए। उन्‍होंने कहा कि इसके ज़रिए स्‍थानीय उत्‍पादों को गौरववान करना है।

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वोकल फॉर लोकल, हमारे जो स्‍थानीय उत्‍पाद है उसका हमें गौरवगान करना चाहिए। हम अपनी चीजों का गौरवगान नहीं करेंगे तो उसका अच्‍छा बनने का अवसर भी नहीं मिलेगा, उसकी हिम्‍मत नहीं बढ़ेगी। आईये हम मिलकर के संकल्‍प ले आजादी के 75 साल के पर्व की ओर जब कदम रख रहे हैं तब वोकल फॉर लोकल का जीवन मंत्र मिल जाये और हम मिलकर के भारत के स्‍टार्टअप को हम बढ़ावा दे दें।

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प्रधानमंत्री ने लालकिले के प्रचीर से कहा कि एक के बाद एक सुधारों को दुनिया देख रही है। एफडीआई ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

एक के बाद एक, एक दूसरे से जुड़े हुए हम जो रिफार्म कर रहे हैं, उनको दुनिया बहुत बारीकी से देख रही है और उसी का कारण है बीते वर्ष भारत में एफडीआई ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये हैं। बीते वर्ष भारत में एफडीआई ने 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और इसलिए कोरोना काल में भी दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां भारत की ओर रूख ले रही है।

श्री मोदी ने कहा कि मेक इन इंडिया के बाद अब हमें मेक फॉर वर्ल्‍ड की ओर आगे बढ़ना है।

करोना के संकट से जल्‍द उबरने के प्रण को दोहराते हुए अपने संबोधन में श्री मोदी ने विपत्त्यिों से जूझने में अटल जी का स्‍मरण किया। उन्‍होंने कहा नेशनल इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर पाइप लाइन प्रोजेक्‍ट शुरू किया जाएगा। 

नेशनल इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर पाइपलाइन प्रोजेक्‍ट इस पर 110 लाख करोड़ उससे भी ज्‍यादा खर्च किए जाएंगे। इसके लिए अलग अलग सेक्‍टर में लगभग सात हजार प्रोजेक्‍ट की पहचान कर ली गई है। इसमें देश के ओवरऑल इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर डेवलपमेंट को एक नई दिशा भी मिलेगी। एक नई गति भी मिलेगी। 

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प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्‍व व्‍यापार में समुद्री तटों का बहुत बड़ा महत्‍व होता है। इस दिशा में काम किया जा रहा है।

विश्‍व व्‍यापार में समुद्री तटों का अपना बहुत महत्‍व होता है। जब हम पोर्ट लेन डेवलेपमेंट को लेकर चले हैं तब हम आने वाले दिनों में समुद्री तट के पूरे हिस्‍से में फोर लेन रोड बनाने की दिशा में एक आधुनिक इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर पर हम काम करेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सामान्‍य नागरिक की मेहनत का कोई मुकाबला नहीं है। बीते छह वर्ष में नागरिकों का जीवन बेहतर बनाने के लिए अनेक अभियान चलाए गए।

करोड़ों गरीब परिवारों को मुफ्त गैस सिलिंडर पहुंचना, राशन कार्ड हो या ना हो 80 करोड़ से ज्‍यादा मेरे देशवासियों को उनका घर का चूल्‍हा जलता रहे। 80 करोड़ देशवासियों को मुफ्त में अनाज पहुंचाने का काम हो, 90 हजार करोड़ रुपए से ज्‍यादा सीधे बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर हो, कुछ वर्ष पहले तो सोच भी नहीं सकते थे। कल्‍पना ही नहीं कर सकते थे ।  निकले और सौ के सौ पैसे गरीब के खाते में जमा हो जाएं ये पहले कभी सोचा भी नहीं जा सकता था।

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किसानों का जिक्र करते हुए श्री मोदी ने कहा कि आत्‍मनिर्भर कृषि और आत्‍मनिर्भर किसान देश की प्राथमिकता है।

किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता व्‍यक्‍त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों के लिए आय बढ़ाने के लिए वैकल्पिक उपायों पर बल दिया जा रहा है।

हमने किसान की आय को बढ़ाने के लिए अनेक वैकल्पिक चीजों को भी बल दिया है। उसकी किसानी में इनपुट 10 पैसे कम हो । सोलर पम्‍प उसको डीजल पम्‍प से मुक्ति कैसे दिलाएंगे। अन्‍न दाता ऊर्जा दाता कैसे बने। मधुमक्‍खी पालन हो, फिशरीज़ हो, पोयट्री हो, ऐसी अनेक चीजें उसके साथ जुड़ ताकि उनकी आय दोगुना हो जाए।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले पांच वर्ष में दो लाख ग्राम पंचायत तक ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क पहुंच चुका है। उन्‍होंने कहा कि गांवों के लोगों के लिए भी ऑनलाइन सुविधा बढ़ गई है। श्री मोदी ने घोषणा की कि एक हज़ार दिन के अंदर देश के छह लाख गांवों में ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क का काम पूरा कर लिया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने साबइर स्‍पेस से जुड़े खतरे का उल्‍लेख करते हुए कहा कि भारत इसके प्रति सचेत है। उन्‍होंने कहा कि इस खतरे का सामना करने के लिए जल्‍दी ही नई साइबर सुरक्षा नीति का खाका देश के सामने आएगा।

साइबर स्‍पेस पर हमारी निर्भर बढ़ती ही जाने वाली है लेकिन साइबर स्‍पेस में खतरे भी जुड़े हुए होते हैं। भलीभांति इससे परिचित है। और इनसे देश का सामाजिक ताना-बाना हमारी अर्थव्‍यवस्‍था और हमारे देश के विकास पर भी खतरे पैदा करने का यह आसान मार्ग बन सकता है और इसलिए भारत इस पर बहुत सचेत है, भारत बहुत सतर्क है और  खतरों का सामना करने के लिए फैसले ले रहा है। इतना ही नही नई व्‍यवस्‍थाएं भी लगातार विकसित की जा रही हैं। बहुत ही अल्‍प समय में नई साइबर सुरक्षा रणनीति इसका एक पूरा खाकां देश के सामने आएगा, आने वाले समय में सब इकाईयों को जोड़कर हम इस साइबर सिक्‍योरिटी के अंदर सबको एकसाथ चलना पड़ेगा उसके लिए आगे बढ़ने की रणनीति बनाएंगे।

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देश की नारी शक्ति की प्रशंसा करते हुए श्री मोदी ने कहा कि सरकार स्‍वरोजगार और रोजगार देने के लिए कटिबद्ध है। आज देश की बेटियां कोयले की खादान से लेकर लड़ाकू विमान उड़ाने तक की क्षमता रखती हैं। उन्‍होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को वेतन साहित छह महीने के अवकाश देने, तीन तलाक से महिलाओं को मुक्ति दिलाने का काम हुआ।

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प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने राष्‍ट्रीय डिजिटल स्‍वास्‍थ्‍य मिशन का भी शुभारंभ किया। उन्‍होंने कहा कि यह मिशन देश में स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र में नई क्रांति लायेगा और सभी भारतीयों को स्‍वास्‍थ्‍य पहचान पत्र मिलेंगे। श्री मोदी ने कहा कि जांच, रोग, डॉक्‍टरों की ओर से बताई गयी दवाइयां, जांच रिपोर्ट और संबंधित सूचना एक ही स्‍वास्‍थ्‍य पहचान पत्र पर दर्ज होगी।

श्री मोदी ने बताया कि भारत में कोरोना वायरस के तीन वैक्सीन परीक्षण के विभिन्‍न चरणों में हैं और वैज्ञानिकों की स्‍वीकृति मिलने के बाद इनका उत्‍पादन शुरू हो जायेगा। उन्‍होंने कहा कि सभी भारतीयों को जल्‍दी से जल्‍दी कोरोना वायरस का वैक्सीन उपलब्‍ध कराने के लिए सरकार की योजना तैयार है।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आंतकवाद और विस्‍तारवाद दोनों से प्रभावी ढंग से निपट रहा है। नियंत्रण रेखा या वास्‍तविक नियंत्रण रेखा पर देश को चुनौती देने वालों को उनकी भाषा में ही मुंहतोड जवाब दिया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि स्‍वतंत्रता संग्राम के दिनों से ही भारत विस्‍तारवादी शक्तियों के लिए चुनौती रहा है। देश की सम्‍प्रभुता का सम्‍मान हमारे लिए सर्वोपरि है। हमारे बहादुर सैनिक इस संकल्‍प को बनाए रखने के लिए क्‍या कुछ कर सकते हैं विश्‍व ने लद्दाख में इसका उदाहरण देखा है। 

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प्रधानमंत्री ने संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद के अस्‍थाई सदस्‍य के रूप में 192 में से 184 देशों द्वारा भारत को समर्थन देने पर कहा कि हमारे लिए यह गर्व की बात है।

उन्‍होंने कहा कि पड़ोसी देशों के साथ संबंधों में सुरक्षा, विश्‍वास और विकास की साझेदारी के साथ संबंध हैं। सदियों पुराने सांस्‍कृतिक, आर्थिक और सामाजिक रिश्‍तों की गहराई पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दक्षिण एशिया में दुनिया की एक चौथाई जनसंख्‍या रहती है इसलिए सहयोग, सहभागिता और शांति से इस समूचे क्षेत्र के विकास से ही दुनिया का विकास संभव है।

इतनी आपदाओं के बीच भी सीमाओं पर देश के सामर्थ्‍य को चुनौती देने के दुष्‍प्रयास हुए। लेकिन एलओसी से लेकर एलएसी तक देश की सम्‍प्रभुता पर जिस किसी ने भी आंख उठाई। देश की सेना ने हमारे वीर जवानों ने उसका उसी की भाषा में जवाब दिया। इस संकल्‍प के लिए हमारे वीर जवान क्‍या कर सकते हैं। देश क्‍या कर सकता है ये लद्दाख में दुनिया ने देख लिया।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के हर क्षेत्र में विकास की तस्‍वीर अलग अलग है।  उन्‍होंने कहा विकास के लिए 110 आकांक्षी जिलों की योजना सरकार बना रही है। श्री मोदी ने जम्मू कश्‍मीर के विकास का भी जिक्र किया और कहा कि बीता एक वर्ष जम्‍मू कश्‍मीर के विकास की दिशा में महत्‍वपूर्ण रहा। विकास का लाभ गांवों तक पहुंचाने के लिए बैक टू विलेज अभियान चलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि लद्दाख का केन्‍द्र शासित प्रदेश बनाने का वर्षों पुराना स्‍वप्‍न पूरा होने के बाद अब लद्दाख विकास की ओर आगे बढ़ रहा है।

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अपने संबोधन में श्री मोदी ने एमएसएमई और कृषि क्षेत्र के सुधारों का भी जिक्र किया। उन्‍होंने कहा कि आत्‍मनिर्भर भारत और आधुनिक, नए और खुशहाल भारत के निर्माण में शिक्षा की बड़ी महत्‍वपूर्ण भूमिका है। तीन दशक बाद सरकार नई शिक्षानीति देने में सफल हुई है और अब इस नई शिक्षा नीति के समाचार ऊर्जा देते हैं।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि मैंने पिछले वर्ष लालकिले से कहा था कि बीते पांच वर्ष आवश्‍यकता की पूर्ति के थे और अगले पांच वर्ष आकांक्षाओं की पूर्ति के हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दलितों और पिछड़ों के लिए आरक्षण बढ़ाने की बात हुई, चीफ ऑफ डिफेंस स्‍टाफ की नियुक्ति और करतारपुर कॉरिडोर का रिकॉर्ड समय में निर्माण किया गया।

अयोध्‍या में राम मंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि सदियों पुराने विवाद का शांतिपूर्वक समाधान हुआ और भगवान राम मंदिर का निर्माण शुरू हो गया है। उन्‍होंने कहा कि इसमें देश के लोगों ने संयम के साथ जिस तरह का आचरण किया वह अभूतपूर्व है और भविष्‍य के लिए प्रेरणा है।

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प्रधानमंत्री ने संबोधन के समापन में देशवासियों से आग्रह किया कि वे संकल्‍प लें कि आयात कम से कम हो, वोकल से लोकल बने, युवाओं, महिलाओं, आदिवासियों, पिछड़ों, दलितों के सशक्तिकरण की दिशा में कार्य करें। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं देख रहा हूं नवप्रभात की लालिमा देशवासियों को आत्‍मनिर्भर बनाने की ओर अग्रसर है। संबोधन के अंत में मातृभूमि की जयकार करते हुए उन्‍होंने कहा कि 21वीं सदी का तीसरा दशक हम सब के स्‍वप्‍न पूरा करने का दशक होना चाहिए।

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इससे पहले प्रधानमंत्री राजघाट गए और राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

आकाशवाणी से प्रधानमंत्री के संबोधन का क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारण आज रात साढ़े नौ बजे किया जायेगा।

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा है कि भारत शांतिप्रिय देश है लेकिन किसी भी देश के दुस्‍साहस का मुंहतोड जवाब देने में सक्षम है।  स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर कल राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्‍होंने यह बात कही। सीमा पर हाल की झडपों की चर्चा करते हुए श्री कोविंद ने कहा कि भारतीय सैनिकों ने विस्‍तारवादियों के सभी दुष्‍प्रयासों से देश की सीमाओं की बहादुरी से रक्षा की है।

राष्‍ट्रपति ने कोविड-19 से कारगर ढंग से निपटने में केंद्र, ४७राज्‍यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रयासों की सराहना की है। राष्‍ट्रपति ने कोविड महामारी से निपटने के लिए कोरोना योद्धाओं की सराहना की।

राष्‍ट्र उन सभी डॉक्‍टरों, नर्सों तथा अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों का ऋणी है जो कोरोना वायरस के खिलाफ इस लड़ाई में अग्रिम पंक्ति के योद्धा रहे हैं। दुर्भाग्‍यवश उनमें से अनेक योद्धाओं ने इस महामारी का मुकाबला करते हुए अपने जीवन का बलिदान दिया है। ये हमारे राष्‍ट्र के आदर्श सेवा योद्धा हैं। इन कोरोना योद्धाओं की जितनी भी सराहना की जाए वह कम है।

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उपराष्‍ट्रपति एम. वेंकैया नायडु ने देशवासियों को स्‍वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी हैं। श्री नायडु ने देश को आजादी दिलाने वाले स्‍वतंत्रता सेनानियों का स्‍मरण किया। उन्‍होंने कहा कि स्‍वतंत्रता सेनानियों की आकांक्षा के अनुरूप भारत का निर्माण ही उनके लिए सार्थक श्रद्धांजलि होगी। श्री नायडु ने लोगों से संगठित, सुदृढ, समृद्ध और समावेशी राष्‍ट्र के निर्माण का संकल्‍प और मजबूत करने का आग्रह किया।

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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि सरकार रक्षा बलों का मनोबल ऊंचा रखने और उनकी संचालन आवश्‍यकताएं पूरी करने के लिए सब कुछ कर रही है। उन्‍होंने कहा कि देश की सेनाएं राष्‍ट्र की रक्षा में सबसे आगे खड़ी हैं। श्री सिंह ने कहा कि इतिहास साक्षी है कि भारत ने किसी अन्‍य देश की भूमि हड़पने के लिए कभी कहीं आक्रमण नहीं किया। रक्षामंत्री ने कहा कि भारत ज़मीन को नहीं दिलों को जीतने में विश्‍वास रखता है।

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राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सैन्‍य बलों के जवानों के लिए नौ शौर्य चक्र सहित 84 वीरता पुरस्‍कारों की स्‍वीकृति दी है। जम्‍मू कश्‍मीर पुलिस के हेड कांस्‍टेबल अब्‍दुल राशिद को मरणोपरांत कीर्त‍ि चक्र दिया गया है। जम्‍मू कश्‍मीर में आतंकवाद रोधी अभियानों में शामिल सेना के जिन जवानों को शौर्य चक्र दिया गया है उनमें लेफ्ट‍िनेंट कर्नल कृषण सिंह रावत, मेजर अनिल उर्स और हवलदार आलोक कुमार दुबे शामिल हैं। भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर विशाख नायर को भी शौर्य चक्र प्रदान किया गया। शौर्य चक्र शांतिकाल का तीसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्‍कार है।

राष्‍ट्रपति ने सेना के 60 जवानों के लिए सेना पदक, नौसेना के लिए चार नौसेना पदक और वायुसेना के लिए पांच वायुसेना पदक भी मंजूर किये।

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इस अवसर 9 सौ 26 पुलिस कर्मियों को पुलिस पदक से सम्‍मानित किया गया है। दो सौ पन्‍द्रह पुलिस कर्मियों को उल्‍लेखनीय वीरता के लिए पुलिस पदक दिया गया है। अस्‍सी पुलिस कर्मियों को विशिष्‍ट सेवा के लिये राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्‍मानित किया गया हैऔर छह सौ 31 को उत्‍कृष्‍ट सेवा के लिए पुलिस पदक प्रदान किए गए हैं।

दो सौ पन्‍द्रह वीरता पुरस्‍कारों में से एक सौ तेइस पदक जम्‍मू-कश्‍मीर में साहस और शौर्य की कार्रवाई के लिए दिए गए हैं। उनतीस कर्मियों को वाम उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में और आठ को पूर्वोत्‍तर क्षेत्र में उत्‍कृष्‍ट साहसी कार्यों के लिए पुरस्‍कृत किया गया है।

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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने वन स्‍टॉप ऑनलाइन पोर्टल सृजन का शुभारंभ किया है जो विक्रेताओं को स्‍वदेशीकरण की वस्‍तुओं की जानकारी देता है। श्री सिंह ने कहा कि इस पोर्टल की सहायता से उद्योग साझीदार, रक्षा क्षेत्र में आत्‍मनिर्भरता का लक्ष्‍य प्राप्‍त करने में सक्रिय भूमिका अदा करेंगे। आत्‍मनिर्भर भारत की घोषणा पर अमल करते हुए रक्षा उत्‍पादन विभाग ने स्‍वदेशी पोर्टल ''सृजन डिफेंस डॉट जीओवी डॉट आईएन'' विकसित किया है जिसका लक्ष्‍य रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया के लिए अवसर उपलब्‍ध कराना है।

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अमरीका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने भारत को स्‍वतंत्रता दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि भारत और अमरीका के बीच मैत्री और लोकतांत्रिक परम्‍पराओं की गहरी साझेदारी है। श्री पोम्पियो ने उन्‍होंने कहा कि पिछले अनेक वर्षों से अमरीका और भारत के संबंध मजबूत होते हुए व्‍यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में बदल गये हैं और दोनों देशों के बीच वैश्विक सुरक्षा और समृद्धि‍ के मुद्दो पर सहयोग और प्रगाढ़ हुआ है।

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उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने लोगों को स्‍वतंत्रता दिवस बधाई दी है। उन्होने कोविड-19 से संबंधित स्‍वास्‍थ्‍य दिशा-निर्देशों का ध्‍यान रखते हुए ही स्‍वतंत्रता दिवस मनाने की अपील की है।

देश के 74वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों को बधाई दी है और कहा है कि ये दिन हमें अपने स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्रनायकों के बलिदान की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सबका साथ, सबका विकास औऱ सबका विश्वास के सिद्धान्त पर चलते हुए उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बेहतर प्रदेश बनाने के लिए प्रयत्नशील है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय पूरी दुनिया कोरोना महामारी से लड़ रही है और राज्य सरकार कोविड के हालात से निपटते हुए सभी विकास कार्य भी संचालित कर रही है। इस मौके पर प्रदेश के प्रमुख स्थानों और सीमाओं पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये हैं। सभी सरकारी संस्थानों और दूसरी इमारतों को तीन रंगों की रौशनियों से सजाया गया है। राज्य सरकार ने 74वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 74 कैदियौं को रिहा करने का भी फैसला किया है। पुलिस महानिदेशक जेल आनंद कुमार ने कहा कि प्रदेश के जेल विभाग के लिए ये गौरव की बात है कि राष्ट्रपति पदक पुरस्कारों में प्रदेश को सबसे ज्यादा पुरस्कार मिले हैं। सुशील चन्‍द्र तिवारी आकाशवाणी समाचार लखनऊ।

देश के अन्‍य राज्‍यों में भी स्‍वतंत्रता दिवस हर्षोल्‍लास के साथ मनाया जा रहा है।

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जम्‍मू-कश्‍मीर में वैष्‍णो देवी यात्रा कल से शुरू हो रही है। कोरोना संक्रमण के कारण यात्रा 18 मार्च से लगभग पांच महीने के लिए बंद थी।

श्री माता वैष्‍णो देवी श्राइन बोर्ड के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी रमेश कुमार ने कहा कि पहले सप्‍ताह के दौरान प्रत्‍येक दिन केवल दो हजार श्रद्धालुओं को ही यात्रा की अनुमति होगी। इनमें एक हजार नौ सौ श्रद्धालु जम्‍मू-कश्‍मीर के और शेष एक सौ बाहर के होंगे। केवल ऑनलाइन पंजीकरण के बाद ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी।

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समाचार पत्रों से

74वें स्‍वतंत्रता दिवस के पूर्व संध्‍या पर राष्‍ट्रपति राम नाथ कोविंद के राष्‍ट्र के नाम संदेश को सभी अखबारों ने प्रमुखता से लिया है। अमर उजाला की पहली खबर है राष्‍ट्रपति का चीन को स्‍पष्‍ट संदेश अशांति पैदा की तो माकूल जवाब देंगे। दैनिक ट्रिब्‍यून में लिखा है- गलवान घाटी के बलिदानियों को नमन, कहा- उनकी बहादुरी पर देश को गर्व।

दैनिक जागरण ने लिखा है- लोगों में उमंग है, उत्‍साह है, उर्जा है। कोविड-19 महामारी के बावजूद आजादी की खुशबू कम नहीं है। पत्र ने कुछ स्‍वतंत्रता सेनानियों की यादें और सपनों को सचित्र और विस्‍तार से दिया है। 

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